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मोदी सरकार का बड़ा फैसला, करोड़ों लोगों को होगा फायदा

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट 5 जुलाई को पेश होने वाला है. इससे पहले सरकार की ओर से कई ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं जिसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलने वाला है. हाल ही में ‘प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन” योजना पर मुहर लगाकर सरकार ने करीब 10 करोड़ असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए पेंशन योजना की शुरुआत की. अब कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESI)स्‍कीम में बदलाव कर 3 करोड़ से ज्‍यादा कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है.

दरअसल, केंद्र सरकार ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESI) के स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम में नियोक्ता (संस्‍था या कंपनी)और कर्मचारियों के कुल अंशदान को 6.5 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी कर दिया है. सरकार के इस नए ऐलान के बाद नियोक्ता यानी कंपनी का अंशदान 3.25 फीसदी हो जाएगा. इससे पहले नियोक्ता को 4.75 फीसदी का अंशदान देना पड़ता था.

इसका मतलब यह हुआ कि ESI के स्वास्थ्य बीमा में नियोक्‍ता या कंपनी को पहले के मुकाबले अब 1.5 फीसदी कम योगदान देना होगा. इसी तरह कर्मचारी का अंशदान 1.75 फीसदी से घटाकर 0.75 फीसदी करने का फैसला किया गया है.

आसान भाषा में समझें तो कर्मचारी को ESI स्‍वास्‍थ्‍य बीमा के लिए पहले के मुकाबले 1 फीसदी कम योगदान देना होगा. सरकार के इस फैसले से 12.85 लाख नियोक्ताओं या कंपनियों को हर साल 5,000 करोड़ रुपये की बचत होगी.

इसी तरह 3.6 करोड़ कर्मचारियों को सीधा फायदा होने की उम्‍मीद है. सरकार की घटी हुई दरें घटी हुई दरें इसी साल 1 जुलाई से प्रभावी होंगी.

बता दें कि कर्मचारी राज्य बीमा कानून, 1948 (ESI कानून) के अंतर्गत बीमित व्यक्तियों को चिकित्सा, नकदी, मातृत्व, निशक्तता और आश्रित होने के लाभ प्रदान करता है.

ईएसआई कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) द्वारा प्रशासित है. ईएसआई कानून के अंतर्गत उपलब्ध कराए जाने वाले लाभ नियोक्ताओं और कर्मचारियों द्वारा किए गए अंशदान के माध्यम से वित्त पोषित होते हैं.सरकार ने सामाजिक सुरक्षा कवरेज अधिक से अधिक लोगों को देने के लिए दिसंबर,2016 से जून, 2017 तक नियोक्ता और कर्मचारियों के विशेष रजिस्‍टेशन का कार्यक्रम शुरू किया और योजना का करवेज लाभ विभिन्न चरणों में देश के सभी जिलों तक बढ़ाने का फैसला किया. कवरेज में वेतन की सीमा 1.1.2017 से 15,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 21,000 रुपये प्रति माह कर दी गई.

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