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पुलिस का बड़ा खुलासा, फ़िदायीन हमले कर आतंक फैलाना चाहते हैं दहशतगर्द

दिल्ली पुलिस के नए खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. आतंकी दिल्ली में फिदायीन हमले करने की साजिश रच रहे हैं. वो छोटे हथियारों से भी दिल्ली में हमले कर सकते हैं

पुलवामा हमले के बाद दिल्ली पुलिस के हाथ अब कुछ नए इनपुट लगे हैं. इनपुट आतंकियों के नए मोडस ऑपरेंडी के बारे में हैं. यानी काम करने के नए तौर तरीक़ों के बारे में. पुलिस की मानें तो अब कश्मीरी आतंकी जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ यूपी का भी रुख करने लगे हैं, ताकि फिदायीन हमलों के साथ टार्गेट किलिंग कर लोगों में तहशत फैलाई जा सके.

इसी इनपुट के बाद अब पुलिस पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हथियार तस्करों की तलाश में जुटी है. पुलिस को पता चला है कि कश्मीर के आतंकी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ तस्करों से हथियार खरीद रहे हैं. ये अपने-आप में एक नई बात है. पहली बार ये खुलासा तब हुआ, जब पुलिस ने सितंबर महीने में लाल किले से कुछ संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था और उनके पास से भारी मात्रा में पिस्टल और कारतूस बरामद किए थे.

दिल्ली पुलिस ने तब प्रवेज अहमद और जमशेद को लाल किले के पास से गिरफ्तार किया था. पुलिस ने दोनों के पास से दो पिस्टल और दस कारतूस बरामद किए थे. ये दोनों उस वक्त जम्मू जाने वाली बस में बैठने की तैयारी कर रहे थे. पकड़े जाने के बाद जब उनसे पूछताछ हुई तो दोनों ने बताया कि वो अमरोहा से हथियार लेकर वापस कश्मीर जा रहे थे.

पूछताछ आगे खुलासा हुआ था कि इन दोनों का संबंध कश्मीर में आईएसजेके संगठन से है. पुलिस के मुताबिक प्रवेज का भाई फिरदौस भी आतंकी था. जो शोपियां में एक एनंकाउंटर के दौरान मारा गया था. वो अपने भाई को देखकर ही आतंक के रास्ते पर आया था. पूछताछ में मिली जानकारी के बाद पुलिस अमरोहा के उस तस्कर की तलाश में है, जो उन्हें हथियार मुहैय्या कराया था.

पुलिस ये भी पता लगा रही है कि आतंकियों का यूपी से कनेक्शऩ कैसे बना. पुलिस आतंकियों के पश्चिमी यूपी कनेक्शन को लेकर बेहद सतर्क है. इतना ही नहीं कछ दिन पहले ही पुलिस ने दिल्ली से ही एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जो महाराष्ट्र के मओवादियों को गोलियां सप्लाई करता था. पुलिस ने जुलाई के महीने में बिहार के रहने वाले राम किशन को दिल्ली के शांती वन के पास से गिरफ्तार किया था.

वह पेशे से एक टीचर था. राम किशन के पास से पुलिस ने 407 गोलियां बरामद की थीं. ये सभी प्रतिबंधित बोर की गोलियां थी. बरामद की गोलियों का इस्तेमाल पैरा मिलिट्री फोर्स और आर्मी के जवान करते हैं. अलग-अलग बोर की इन गोलियों का इस्तेमाल इंसास और सेल्फ लोडेड राइफल में किया जाता है. दिल्ली के रास्ते कश्मीर के आतंकियों तक हथियार जाना और दिल्ली से माओवादियों को गोलियों की सप्लाई होना, दिल्ली पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन गया है.

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