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लोकेंद्र सिंह तोमर की मौत की खबर सुनकर मांधाता क्षेत्र के कई लोग फूट-फूट कर रो पड़े..

मध्यप्रदेश/खंडवा…..विकास पुरुष के नाम से प्रसिद्ध मांधाता के भाजपा पूर्व विधायक लोकेंद्र सिंह तोमर का आज मुंबई में इलाज के दौरान निधन हो गया। 12:00 बजे के आसपास लोकेंद्र सिंह तोमर ने अपनी अंतिम सांस ली।पिछले लंबे समय से वह बीमार चल रहे थे। पिछले 2 वर्षों में वह कई बार अस्पताल में भी भर्ती हुए।पिछले कुछ दिनों से वह मुंबई के एक निजी अस्पताल में अपना इलाज करा रहे थे। फेफड़े में इन्फेक्शन के चलते कई वर्षों से इलाज करा रहे थे लेकिन तबीयत ज्यादा बिगड़ने के चलते उन्हें पिछले कुछ दिनों पहले मुंबई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां अक्सर उनका इलाज चला करता था परंतु परमात्मा ने उनकी अंतिम सांस का दिन आज निर्धारित कर रखा था जिसके चलते लगभग 12:00 बजे उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। जैसे ही मांधाता क्षेत्र सहित आसपास के क्षेत्रों में लोकेंद्र सिंह तोमर की मौत की खबर पता लगते ही मानों दुखों का पहाड़ लोगों पर टूट पड़ा । उनके चाहने वालों को तो विश्वास ही नहीं हुआ कि दादा उन्हें छोड़कर चले जाएंगे। उन्हें याद कर कई लोग फूट फूट कर रोने लगे। लोकेंद्र सिंह तोमर को प्यार से दादा कहा जाता था। लोकेंद्र सिंह तोमर की मौत की खबर से खंडवा सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई ।

लोकेंद्र सिंह तोमर के व्यक्तित्व में ऐसे कई गुण शामिल थे जिसको लेकर उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। कोई उन्हें विकास पुरुष के तौर पर देखता था तो कोई स्पष्टवादी व्यक्तित्व के तौर पर उन्हें पसंद करता था । हमेशा साफ-सुथरा और स्पष्ट बोलने की आदत उन्हें लोगों के और नज़दीक लाती थी। जनता से सीधा जुड़ाव रखते थे एवं जनता के हितों के लिए आने वाले गांवों को लेकर बड़े से बड़े अधिकारी से भी भिड़ जाते थे । जनहित से जुड़े कार्यों को लेकर वह बिल्कुल समझौता नहीं किया करते थे। विकास पुरुष के तौर पर उन्हें ऐसे ही तमगा नहीं मिला अक्सर भोपाल में विधानसभा सत्र के दौरान जब विधायकों का जमावड़ा लगता था तो अक्सर लोकेंद्र सिंह तोमर से प्रदेश के अन्य जिलों के विधायक यह पूछ लिया करते थे कि दादा आप ऐसा क्या करते हैं कि शासन हमें कहता है कि पैसे की दिक्कत है लेकिन उसके बावजूद आप के विधानसभा क्षेत्र के लिए सैकड़ों करोड़ रुपए की फंडिंग शासन आपको कर देता है । मांधाता विधानसभा क्षेत्र की छोटी से छोटी व बड़ी से बड़ी समस्या के लिए जब स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं होता था तो दादा सुबह अपने घर को छोड़कर भोपाल के लिए रवाना हो जाया करते थे और वहां से तभी लौटा करते थे,जब भोपाल से उन्हें मांधाता क्षेत्र की जनता से जुड़ी समस्या का समाधान का आश्वासन अथवा निराकरण नहीं मिल जाया करता था। मांधाता क्षेत्र के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन खपा दिया ।अपने विधायक कार्यकाल में बीमार रहने पर जब वह अस्पताल में भर्ती हुआ करते थे तो भी वहां पर उन्हें चैन नहीं मिला करता था जो भी मिलने आता था,उसे बोलते थे वह वाला काम अभी पेंडिंग है, उसे पूरा कराना है भाई लोगों की बड़ी उम्मीदें है। अस्पताल में इलाज के दौरान भी क्षेत्र के लिए टेंशन लेने पर उन्हें प्यार करने वाले लोग अक्सर कहा करते थे दादा अभी तो इलाज करा रहे हो सिर्फ यही अस्पताल में अपने इलाज पर ध्यान दो पर उन्हें अक्सर दादा यह कहा करते थे कि भाई क्षेत्र की जनता को मुझसे बड़ी उम्मीदें हैं और वह मेरी भगवान है,उनकी सेवा करना मेरा धर्म है । यह कहकर वह अक्सर लोगों को चुप करा दिया करते थे ।

शिक्षा का क्षेत्र हो या अपने क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई के रकबे को बड़वाने के लिए नहर लानी हो,सड़के हो,पुलिया हो,पुल हों,पावर प्लांट की समस्या हो, मछुआरों की समस्या, ओमकारेश्वर के विकास की बात हो,पुनासा को तहसील बनवाने की बात हो,ऐसा कोई क्षेत्र अछूता नहीं है जिसके लिए लोकेंद्र सिंह तोमर ने अपने कार्यकाल में काम ना किया हो।अक्सर लोकेंद्र सिंह तोमर लोगों से यह कहा करते थे कि काम ऐसा करो कि आपको लोग लंबे समय तक याद रखें ।उनके जाने के बाद लोगों ने कहा कि दादा आपको लंबे समय तक मांधाता क्षेत्र की जनता याद रखेगी। आप अमर हैं।

लोकेंद्र सिंह तोमर के स्वर्ग
सिधारने से पूरे निमाड़ में शोक की लहर है। देर शाम तक मुंबई से उनका शव उनके पैतृक गांव रिछफल पहुंच जाएगा । उनकी अंतिम यात्रा कल उनके निजी निवास रिछफल से निकाली जाएगी ।

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Anoop Kumar Khurana

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